DMF मद में भयंकर भ्रष्टाचार-हेराफेरी…जांच टीम गठित…SDM, CMO और EE-PWD जांच टीम में…शासन को लगाया चूना, पद का किया दुरुपयोग…बड़े-बड़े भ्रष्टाचारी मगरमच्छ हैं शामिल…

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• सही और उचित जांच व कार्यवाही न होने पर हाईकोर्ट में लग सकती हैं याचिका…

मुंगेली ।  मुंगेली जिला बनने के बाद मानो यहां भ्रष्टाचार का एक जाल सा बिछ गया हैं, जो यहाँ के विकास और व्यवस्था को खोखला कर रहा हैं, मुंगेली में भ्रष्टाचार के बड़े बड़े मामलों का खुलासा हुआ हैं, जिसमें अपराध पंजीबद्घ भी हुए हैं। वर्तमान में डीएमएफ मद में हुए भयंकर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया हैं। जिसकी शिकायत भी हुई हैं।

मुंगेली निवासी अधिवक्ता स्वतंत्र तिवारी द्वारा प्रवर्तन निदेशालय, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, एंटी करप्शन ब्यूरो, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव और संभागायुक्त से शिकायत करते हुए दोषी अधिकारियों व भूमाफिया के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने कहा गया हैं। मुख्यमंत्री को स्मरण पत्र भी भेजा गया हैं।
शिकायत में स्वतंत्र तिवारी ने बताया कि मुंगेली नगर पालिका परिषद् क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनकर सेल्स अवैध कालोनी में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि का दुरूपयोग कर शासन को भारी क्षति पहुंचाई गई हैं। मुंगेली जिले में जिला प्रशासन के शीर्ष व जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के मद से ग्राम पंचायत करही द्वारा 14.98 लाख की लागत से मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 22 दीनदयाल वार्ड में स्थित अवैध कालोनी में निजी भूमाफिया की जमीन पर मुख्य मार्ग डायग्नोसिस सेंटर वाली गली में सीमेंट कांक्रीटीकरण सड़क (सीसी रोड) निर्माण कार्य कराया गया हैं जो नियम-कानून का घोर उल्लंघन हैं।

जानिए क्या हैं नियम…गैरकानूनी तरीके से हुआ है सड़क निर्माण…

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय मुंगेली जिला खनिज संस्थान न्यास, जिला-मुंगेली छ०ग० के कमांक-230101488109 मुंगेली दिनांक 21/08/2023 को सीमेंट कांकीटीकरण सड़क निर्माण कार्य (मुख्य मार्ग डायगोसिस सेंटर वाली गली) की 14 लाख 98 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी किया गया था, जिसमें कार्य एजेंसी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मुंगेली उल्लेखित था। जबकि कार्यालय मुंगेली जिला खनिज संस्थान न्यास, जिला-मुंगेली छ०ग० द्वारा जारी किये गये प्रशासकीय स्वीकृति आदेश के शर्तों की कंडिका 07 में स्पष्ट उल्लेखित हैं कि “स्वीकृत कार्य में भू-अर्जन का कोई प्रावधान नहीं हैं अतएव निर्विवाद शासकीय भूमि में ही कार्य कराया जावे।”

उक्त कंडिका 07 के अनसार इस सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति की ही नहीं जा सकती थी, क्योंकि नगर पालिका से मिली लिखित जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण स्वीकृत व सड़क निर्मित स्थल अवैध कालोनी और निजी व्यक्ति भूमाफिया के नाम में दर्ज हैं।

ACB-EOW ने कलेक्टर को भेजा पत्र…3 सदस्यीय जांच टीम गठित…

आपको बता दे कि मुंगेली निवासी अधिवक्ता स्वतंत्र तिवारी ने डीएमएफ मद की राशि के घोटाले, अनियमितता और अधिकारियों द्वारा उनके पदों के दुरुपयोग की राज्य के आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की गई थी, जिसके बाद मुख्यालय आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा अपने पत्र क्रमांक-ब्यूरो/शिकायत/आर-231(25)/एम-6761/2025 रायपुर दिनांक 23/04/2025 के माध्यम कलेक्टर मुंगेली को कहा गया कि शिकायतकर्ता स्वतंत्र तिवारी के द्वारा अनावेदकों संबंधित अधिकारीगण के विरूद्ध के विरूद्ध वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 व 2024-25 में जिला मुंगेली में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से हुए समस्त कार्यों, निर्माण व मरम्मत कार्यों एवं खरीदियों में भ्रष्टाचार / दुरूपयोग कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के संबंध में शिकायत प्रेषित की गई है जिस पर शिकायत के आरोपों के संबंध में तथ्यात्मक प्रतिवेदन ब्यूरो कार्यालय को 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराने कराने कहा गया था, उसके बाद भी आज तक कलेक्टर मुंगेली द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई थी, नवंबर-दिसंबर माह में समाचार प्रकाशित होने और सूचना का अधिकार के तहत उक्त मामले में कार्यवाही की जानकारी मांगने पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा दिनांक 05/12/2025 को जिला पंचायत मुंगेली के सीईओ को पुनः तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया, जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने दिनांक 11/12/2025 को एक आदेश निकाल डीएमएफ में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए जिला स्तरीय तीन सदस्यीय टीम गठित किया। जांच टीम में एसडीएम, नपा सीएमओ और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता शामिल हैं।

अभी तक शुरू नहीं हुई जांच…

जिला पंचायत सीईओ द्वारा डीएमएफ में हुए भ्रष्टाचार को लेकर दिनांक 11/12/2025 को तीन सदस्यीय जाँच टीम का गठन करते हुए सात दिन के भीतर जांच प्रतिवेदन और स्पष्ट अभिमत देने कहा गया था पर आज 26 दिन हो गए जांच टीम ने अपनी जांच शुरू नहीं की हैं।

मामले में शिकायतकर्ता स्वतंत्र तिवारी ने बताया कि यदि इस प्रकरण में सही, निष्पक्ष और पूर्ण जांच व उचित कड़ी कार्यवाही नहीं होती हैं, तो वे उच्च न्यायालय की शरण में जा सकते हैं…

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