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औद्योगिक इकाई पर गंभीर आरोपों की बौछार, पर्यावरण से लेकर श्रमिक अधिकारों तक सवाल

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

युवा कांग्रेस ने SDM को सौंपा ज्ञापन, ‘राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड’ की जांच की मांग

बिलासपुर । मस्तूरी तहसील अंतर्गत पाराघाट क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाई राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। जिला युवा कांग्रेस बिलासपुर (ग्रामीण) ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी को लिखित शिकायत सौंपते हुए कंपनी पर पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक अधिकारों और ग्रामीण हितों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

जिला युवा कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुनील पटेल के हस्ताक्षर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि औद्योगिक इकाई द्वारा नियमों को ताक पर रखकर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका सीधा असर आसपास के गांवों, किसानों और श्रमिकों पर पड़ रहा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन को धरना-प्रदर्शन और एसडीएम कार्यालय घेराव जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

बिना अनुमति कोल वॉशरी संचालन का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा आवश्यक वैधानिक अनुमति और एनओसी की स्थिति स्पष्ट किए बिना कोल वॉशरी का संचालन किया जा रहा है। यह पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया गया है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के कारण लीलागर नदी के जल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, जिससे किसानों की सिंचाई और ग्रामीणों के पेयजल पर संकट गहरा सकता है।

श्रमिकों के अधिकारों पर भी सवाल

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) के नाम पर 24 प्रतिशत राशि की कटौती की जा रही है, लेकिन उसे संबंधित खातों में जमा किए जाने को लेकर पारदर्शिता नहीं है। इससे श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं कंपनी पर यह भी आरोप लगाया गया है कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत स्थानीय क्षेत्र में कोई ठोस सामाजिक कार्य नहीं किए जा रहे हैं।

ग्रामीण जीवन पर असर

युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान किए गए वादों के बावजूद विस्थापित किसानों और उनके परिवारों को रोजगार नहीं दिया गया। भारी वाहनों की आवाजाही से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। नियमित जल छिड़काव नहीं होने से धूल प्रदूषण फैल रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। साथ ही भू-जल के अत्यधिक दोहन से जल स्तर में गिरावट की शिकायत भी सामने आई है।

10 दिन का अल्टीमेटम

युवा कांग्रेस ने प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि समस्याओं का समाधान और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रभावित ग्रामीणों और श्रमिकों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने प्रशासन से जनहित में शीघ्र जांच कर आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।

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