श्रम विभाग ने दो वर्षों में 11.40 लाख श्रमिकों का किया पंजीयन804 करोड़ से अधिक की सहायता राशि से 29.55 लाख श्रमिक लाभान्वित


रायपुर। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बुधवार 14 जनवरी 2026 को आयोजित पत्रकारवार्ता में श्रम विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन विभिन्न मंडलों द्वारा बीते दो वर्षों में कुल 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इनमें लगभग 9.40 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक और 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित 71 योजनाओं के माध्यम से विगत दो वर्षों में 29 लाख 55 हजार 254 श्रमिकों को कुल 804.77 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसमें 28 लाख 49 हजार 167 निर्माण श्रमिकों को लगभग 653.75 करोड़ रुपये, 91 हजार 595 असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़ रुपये तथा 14 हजार 592 संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये की राशि से लाभान्वित किया गया है। सभी हितलाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।


कारखानों का स्वचलित निरीक्षण, 5 करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूला
श्रम मंत्री ने बताया कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचलित प्रणाली से किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में कारखाना अधिनियम के तहत प्रदेश में 2218 निरीक्षण किए गए, जिनमें अनियमितताएं पाए जाने पर 666 प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किए गए। इसके परिणामस्वरूप 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।

ईएसआई से बढ़ी श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अंतर्गत बीमित श्रमिकों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। वर्तमान में रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तरयुक्त अस्पताल संचालित हैं, जबकि बिलासपुर में शीघ्र अस्पताल प्रारंभ करने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में 43 औषधालय संचालित हैं और 4 नए औषधालय खोलने की तैयारी है।
श्रम सुधारों से मिलेगा श्रमिकों को लाभ
मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए सभी 17 श्रम सुधारों को राज्य में लागू किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए इसे 10 या उससे अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है। इसके साथ ही “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” की नई श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं मिलेंगी। महिला सशक्तिकरण के तहत रात्रिपाली में महिलाओं को सशर्त कार्य की अनुमति दी गई है, वहीं कारखाना लाइसेंस की अवधि 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
चार नए श्रम संहिता नियमों की तैयारी
उन्होंने बताया कि 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा लागू चार नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नए नियम बनाए जा रहे हैं। इससे श्रमिकों को नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, महिला श्रमिकों को सभी क्षेत्रों में कार्य का अधिकार तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
आगामी योजनाओं की भी घोषणा
श्रम मंत्री ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले प्रतिष्ठानों पर लागू करने हेतु विधेयक को पुनः विधानसभा से पारित कर राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इसके अलावा रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के ईएसआई औषधालयों को मॉडल औषधालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए पृथक स्वास्थ्य परीक्षण योजना और उनके बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु “अटल कैरियर निर्माण योजना” शुरू की जाएगी। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार कर सभी जिलों में श्रम अन्न केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही शिकायत निवारण और जन जागरूकता के लिए एआई आधारित मैसेजिंग और मोबाइल सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी।
पत्रकारवार्ता के अंत में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर श्रम आयुक्त एस.एल. जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की सचिव श्रीमती सविता मिश्रा, सचिव गिरीश रामटेके तथा प्रभारी संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

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