मुंगेली फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामला सुप्रीम कोर्ट की सख्त मुहर, हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह बरकरार

0
Screenshot_20260204_135132.jpg

मुंगेली | फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। इस बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि हाईकोर्ट के आदेश में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है और फैसला यथावत रहेगा।

गौरतलब है कि यह मामला उस समय सामने आया था, जब छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ द्वारा 27 कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की गई थी, जिन पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने का आरोप है। इस सूची के सामने आने के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था।

छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे ने बताया कि सूची में शामिल 27 कर्मचारियों में से 24 ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह सही है और उसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि एसएलपी को निपटाया जा चुका है और इससे जुड़ी सभी लंबित अंतरिम अर्ज़ियाँ भी समाप्त मानी जाएंगी। इस फैसले के साथ ही फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र धारकों की कानूनी ढाल पूरी तरह टूट गई है।

असली दिव्यांगों के हक़ में बड़ी जीत

यह निर्णय असली दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। वर्षों से दिव्यांग वर्ग यह मांग करता आ रहा था कि फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि वास्तविक पात्रों के हक़ को सुरक्षित किया जा सके।

अब प्रशासन पर सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट तक से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है, तो संबंधित प्रशासनिक विभाग कार्रवाई करने में देरी क्यों कर रहे हैं? दिव्यांग संगठनों का कहना है कि अब किसी भी तरह की कानूनी अड़चन शेष नहीं है और दोषियों पर तत्काल सेवा से बर्खास्तगी सहित कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह फैसला न केवल मुंगेली बल्कि पूरे प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्रों के खिलाफ एक मजबूत नजीर के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासनिक कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!