ग्रामीण छात्रों को मिला सपनों को उड़ान देने वाला मंच PMTEAM के कैरियर काउंसलिंग सेमिनार से बदली सोच, हुनर को मिली नई पहचान


मुंगेली । जिले के ग्रामीण अंचलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए PMTEAM द्वारा आयोजित कैरियर काउंसलिंग एवं गाइडलाइन सेमिनार उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। सेमरसल और कोतरी के शासकीय विद्यालयों में हुए इस आयोजन ने न सिर्फ छात्रों को करियर के नए और व्यावहारिक विकल्पों से परिचित कराया, बल्कि उनकी सोच को पारंपरिक दायरों से बाहर निकालते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और वास्तविक अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में डिग्री से अधिक जरूरी हुनर और कौशल है।

बिजली नहीं, हौसला पूरा
सेमरसल शासकीय विद्यालय में सेमिनार के दिन गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप थी, लेकिन इसके बावजूद PMTEAM ने जनरेटर की व्यवस्था कर कार्यक्रम को प्रभावशाली और भव्य रूप दिया। एलईडी स्क्रीन, विजुअल इफेक्ट्स और लाइव प्रेजेंटेशन के जरिए 15 से अधिक व्यवसायिक ट्रेडों में करियर विकल्पों की जानकारी दी गई। ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब उन्होंने इतने आधुनिक और पेशेवर तरीके से कैरियर गाइडेंस को नजदीक से अनुभव किया।



छात्र रवि साहू ने कहा,
“हम गांव के बच्चे हैं, यहां सुविधाएं कम मिलती हैं, लेकिन बिना बिजली के भी PMTEAM ने इतना शानदार कार्यक्रम किया कि पहली बार लगा हम भी बड़े सपने देख सकते हैं।”

छात्रा सुनीता पटेल ने बताया,
“अब तक हम सिर्फ डॉक्टर या टीचर बनने के बारे में जानते थे। इस सेमिनार में ब्यूटी एंड वेलनेस, मीडिया और आईटी जैसे क्षेत्रों की जानकारी मिली। अब मैं खुद का काम शुरू करना चाहती हूं।”

वहीं छात्र अमन वर्मा ने कहा,
“जानकारी मोबाइल पर मिल जाती है, लेकिन सही मार्गदर्शन नहीं मिलता। इस सेमिनार के बाद करियर को लेकर भ्रम पूरी तरह दूर हो गया है।”
ब्यूटी, मीडिया और आईटी ट्रेड बने आकर्षण
सेमिनार में ब्यूटी एंड वेलनेस, आईटी तथा मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ट्रेड विद्यार्थियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहे। इस विशेष सत्र का नेतृत्व मुंबई से आए प्रसिद्ध डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राजू हिरवानी ने किया। उन्होंने अपने 25 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और स्किल के बल पर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी फिल्म, मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़ी पहचान बना सकते हैं।
छात्र रोहित निषाद ने कहा,
“राजू सर को हमने सिर्फ टीवी पर देखा था। जब वे हमारे गांव आए और हमें समझाया कि हम भी इस फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं, तो आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया।”
डिग्री नहीं, स्किल है सफलता की कुंजी
सेमिनार में विद्यार्थियों ने खुलकर स्वीकार किया कि वे पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से ऊब चुके थे। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज के समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल, प्रोफेशनल ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल अनुभव ही सफलता की असली कुंजी है।
छात्रा कविता साहू ने कहा,
“अब हम सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं। हमें अपने देश में ही कुछ बड़ा करना है।”
प्रदेशभर में आयोजन की उठी मांग
सेमरसल और कोतरी के विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे कैरियर काउंसलिंग सेमिनार जिले तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश के शहरी और ग्रामीण स्कूलों में नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थी 11वीं कक्षा में विषय चयन से पहले ही अपने लक्ष्य तय कर सकें।
छत्तीसगढ़ से भावनात्मक जुड़ाव
सेमिनार के बाद बातचीत में राजू हिरवानी ने बताया कि उनका जन्म छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में हुआ है। भले ही उनका अधिकांश पेशेवर जीवन मुंबई में बीता हो, लेकिन वे आज भी छत्तीसगढ़ और यहां के बच्चों से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस कार्यक्रम का पहले से व्यापक प्रचार किया जाता, तो यह एक कमर्शियल इवेंट बन जाता और बच्चों तक सही जानकारी प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पाती। इसी सोच के तहत PMTEAM ने “Slow and Steady Wins the Race” की नीति अपनाते हुए शांत, निरंतर और उद्देश्यपूर्ण ढंग से काम किया।
उन्होंने यह भी बताया कि सेमिनार की जानकारी आयोजन से लगभग पांच दिन पहले बी.आर. साओ स्कूल के प्राचार्य के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचाई गई थी, ताकि डीईओ के जरिए कलेक्टर, सीईओ और एसएसपी जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचना मिल सके, लेकिन यह जानकारी आगे साझा नहीं की गई। इसे उन्होंने स्कूल प्रशासन की उदासीनता का उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री की परिकल्पना पर आगे बढ़ने का संकल्प
राजू हिरवानी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप व्यवसायिक और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने संकेत दिए कि शीघ्र ही प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात होने वाली है, जिसमें वे बॉलीवुड की ओर से व्यवसायिक शिक्षा को लेकर एक विशेष प्रस्ताव रखेंगे। इस दौरान छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली बच्चों और PMTEAM द्वारा आयोजित इस सेमिनार का उल्लेख भी किया जाएगा।

बिजली संकट पर भी उठा सवाल
इधर ग्राम पंचायत सेमरसल के सरपंच प्रतिनिधि ने गांव की बुनियादी समस्याओं को लेकर प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि वर्षों से गांव में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसे लेकर रायपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव को ग्राम पंचायत की स्थिति से अवगत कराया गया था। उस दौरान उप मुख्यमंत्री के पीए मनीष राठौर, जो लोरमी क्षेत्र का प्रभार देखते हैं, ने मामले को अपनी डायरी में नोट भी किया था। इसके बावजूद आज तक गांव में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है।
सरपंच प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 1200 है और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा की भारी कमी है। गर्मी का मौसम नजदीक है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी-बड़ी हस्तियों का गांव में आगमन हमारे लिए सम्मान की बात है, लेकिन उप मुख्यमंत्री के ही क्षेत्र लोरमी में होने के बावजूद बिजली और ट्रांसफार्मर जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव शर्मिंदगी का कारण बना। यहां तक कि अतिथियों को स्वयं ही जनरेटर की व्यवस्था करनी पड़ी, जो प्रशासन के सुस्त रवैये को उजागर करता है।
ग्रामीण छात्रो में आगे बड़ने की बदली हुई सोच और दूसरी और बुनियादी सुविधाओं में कमी के चलते, भविष्य को अंधेरे में ढकेलता हुआ प्रशासन का रवैया- ये दोनों बातें ग्रामीण अंचल के सिक्के की सच्चाई के दो पहलू हैं।
राजू हिरवानी 👇











The News Related To The News Engaged In The https://apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.



