फाइलेरिया उन्मूलन: जिला टीम ने लोइंग में MDA अभियान का किया निरीक्षण, 1.55 लाख से अधिक नागरिकों को दवा खिलाने का लक्ष्य

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रिपोर्टर ✒️वैभव डियोडिया

रायगढ़/लोइंग । कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में जिला फाइलेरिया अधिकारी डॉक्टर टी.जी. कुलवेदी एवं जिला टीम द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोइंग में ‘सामूहिक दवा सेवन (MDA) अभियान’ का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने दवा वितरण केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अभियान का रोडमैप और लक्ष्य:
जिला फाइलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि लोइंग क्षेत्र में कुल 1,55,424 हितग्राहियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अभियान की चरणबद्ध जानकारी साझा की:

  • 10 से 12 फरवरी: आंगनवाड़ी, स्कूल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर बूथ लगाकर दवा खिलाई जा रही है। स्कूलों में इसके लिए एक-एक शिक्षक को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
  • 13 से 22 फरवरी: स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन घर-घर (गृह भेंट) जाकर सामुदायिक स्तर पर दवा का सेवन कराएंगे।
  • 23 से 25 फरवरी: ‘मॉप-अप राउंड’ के तहत छूटे हुए व्यक्तियों को कवर किया जाएगा। नया डेटा होगा अपडेट:
    मितानिन एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (पुरुष/महिला) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र के लिंफेदमा (हाथीपांव) और हाइड्रोसील के नए व पुराने प्रकरणों की अपडेट जानकारी जिला मलेरिया अधिकारी को प्रेषित करें।
    दवा की निर्धारित खुराक (सरल शब्दों में):
    अभियान के दौरान डी.ई.सी., एलबेंडाजोल और ईवरमेक्टिन की दवाएं स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही खानी हैं:
  • 2 वर्ष से कम: दवा प्रतिबंधित है।
  • 2 से 5 वर्ष: 1 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एलबेंडाजोल और (90-119 सेमी ऊंचाई पर) 1 गोली ईवरमेक्टिन।
  • 6 से 14 वर्ष: 2 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एलबेंडाजोल और (120-157 सेमी ऊंचाई पर) 2 से 3 गोली ईवरमेक्टिन।
  • 15 वर्ष से ऊपर: 3 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एलबेंडाजोल और (158 सेमी से अधिक ऊंचाई पर) 4 गोली ईवरमेक्टिन।
    सावधानियां: डॉ. कुलवेदी ने दोहराया कि दवा खाली पेट न लें और एलबेंडाजोल चबाकर खाएं। दवा के बाद मामूली सिरदर्द या खुजली होना परजीवियों के मरने की सामान्य प्रतिक्रिया है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।

निरीक्षण के दौरान बी.एम.ओ. डॉ. हितेश जायसवाल, डॉ. कविता जायसवाल, डॉ. मानकेशरी जोशी, कविता कसेरा, मैडम तांडी, पीसीआई डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार, गौतम सिदार (NVBDCP कंसल्टेंट) एवं समस्त स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा।
अपील: हाथीपांव एक लाइलाज और संक्रामक बीमारी है जो मच्छर के काटने से फैलती है। 2030 तक इसे जड़ से मिटाने के लिए शासन द्वारा दी जा रही मुफ्त दवा का सेवन जरूर करें।

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