स्वास्थ्य सेवाओं की ‘रीढ़’ के साथ बजट में सौतेला व्यवहार, 17,500 NHM कर्मचारियों के भविष्य पर सरकार मौन
रिपोर्टर ✒️ वैभव डियोडिया
रायगढ़ । छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 की थीम “ज्ञान के उत्थान, गति की शक्ति से, संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए…” पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संघ का आरोप है कि आकर्षक शब्दों और बड़े दावों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले 17,500 NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
NHM कर्मचारी संघ ने बजट को “उपेक्षा का दस्तावेज” करार देते हुए कहा कि यह बजट स्वास्थ्य योद्धाओं के भविष्य पर सरकार की उदासीनता को उजागर करता है।
संकल्प और हकीकत में बड़ा अंतर – डॉ. अमित मिरि
NHM कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तथा रायगढ़ जिलाध्यक्ष ने संयुक्त बयान में कहा कि बजट की थीम सुनने में भले ही विकासोन्मुखी लगती हो, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को संभाल रहे NHM कर्मचारी आज भी उपेक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की नींव रखने वाले कर्मचारियों के लिए बजट में किसी भी प्रकार की ठोस घोषणा या राहत न होना बेहद निराशाजनक है।
कोविड के नायकों को सिर्फ अनदेखी
संघ के प्रांतीय प्रवक्ता ने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले NHM कर्मचारी आज भी सीमित वेतन, अस्थिर नौकरी और अनिश्चित भविष्य के बीच काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में इन कर्मचारियों की उपेक्षा करना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर करने जैसा है।
‘मोदी की गारंटी’ और घोषणाओं की दिलाई याद
NHM कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव ने सरकार को “मोदी की गारंटी” की याद दिलाते हुए कहा कि संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का वादा किया गया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि 19 सितंबर 2025 को माननीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा तीन माह के भीतर चिकित्सा बीमा, ग्रेड पे, एचआर पॉलिसी में सुधार और अनुकम्पा नियुक्ति जैसी मांगों को पूरा करने की घोषणा क्या सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई?
NHM कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें
संघ ने राज्य सरकार से निम्न बिंदुओं पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है—
- नियमितीकरण: NHM संविदा कर्मचारियों के लिए स्पष्ट और स्थायी नीति बनाई जाए।
- समयबद्ध सुधार: ग्रेड पे, एचआर पॉलिसी और चिकित्सा बीमा को तत्काल लागू किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा: 17,500 कार्यरत कर्मचारियों को अनुकम्पा नियुक्ति और सेवा स्थिरता दी जाए।
संघ का सीधा सवाल
NHM कर्मचारी संघ ने सरकार से सीधा प्रश्न किया है—
क्या यही है “ज्ञान के उत्थान और गति की शक्ति का संकल्प”, जब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाले हजारों कर्मचारियों की अनदेखी की जाए?
संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस विषय पर गंभीरता से विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेगी, ताकि NHM कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत बन सके।

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