सुरक्षित मातृत्व की दशकभर की सफल यात्रा : 10 वर्षों में 1 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को मिला लाभ
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण, 9 जून को जिले भर में विशेष आयोजन
बिलासपुर । गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं निःशुल्क प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने पर जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 2016 से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी अभियान ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बिलासपुर जिले में अब तक 1 लाख 3 हजार 147 गर्भवती महिलाओं को अभियान के तहत निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
इस अवसर पर 09 जून को जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष पीएमएसएमए दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की पहचान, आवश्यक प्रयोगशाला जांच, अल्ट्रासोनोग्राफी, चिकित्सकीय परामर्श तथा मातृ स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाता है। अभियान के अंतर्गत गर्भावस्था की द्वितीय एवं तृतीय तिमाही की महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों तथा निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा व्यापक प्रसवपूर्व जांच, परामर्श एवं निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन है। इससे जटिलताओं को कम करने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप जांच, हीमोग्लोबिन एवं रक्त शर्करा परीक्षण, आवश्यक दवाइयां तथा पोषण संबंधी परामर्श भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। जिले में पीएमएसएमए दिवस के सफल संचालन में निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। रोस्टर के अनुसार 24 स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा 16 रेडियोलॉजिस्ट/सोनोलॉजिस्ट निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर अभियान को सशक्त बना रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को अपने निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में आयोजित पीएमएसएमए सत्र में शामिल होकर निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाओं का लाभ उठाएं तथा सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सहभागी बनें। दस वर्षों की इस सफल यात्रा ने यह सिद्ध किया है कि समय पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है। पीएमएसएमए आज सुरक्षित मातृत्व के संकल्प को साकार करने वाला एक प्रभावी जनस्वास्थ्य अभियान बन चुका है।

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