पीएम मोदी ने किया विश्व की सबसे बड़ी राम प्रतिमा का अनावरण

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अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
गोवा – श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ अपनी स्थापना की 550वीं वर्षगाठ मना रहा है। बीते 550 वर्षों में इस संस्था ने समय के कितने ही चक्रवात झेले हैं। युग बदला , दौर बदला , देश और समाज में कई परिवर्तन हुये लेकिन बदलते युगों और चुनौतियों के बीच इस मठ ने अपनी दिशा नहीं खोई , बल्कि मठ लोगों को दिशा देने वाला केंद्र बनकर उभरा और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।
                                                   उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गोवा के पर्तगाली (कनकोण) स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची विश्व की सबसे बड़ी राम प्रतिमा का अनावरण कर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुये कही। प्रधानमंत्री ने इस मठ की सबसे बड़ी खासियत सेवा की भावना को बताया , जिसने सदियों से समाज के हर तबके का साथ दिया है। उन्होंने याद किया कि सदियों पहले जब इस क्षेत्र में कठिनाइयाँ आईं और लोगों को विस्थापित होना पड़ा , तब इस मठ ने समुदाय का साथ दिया , नई जगहों पर मंदिर और शेल्टर स्थापित किये। मोदी ने कहा कि इस मठ ने ना केवल धर्म , बल्कि इंसानियत और संस्कृति की भी रक्षा की।  समय के साथ मठ की सेवा का दायरा शिक्षा , हॉस्टल , बुजुर्गों की देखभाल और जरूरतमंद परिवारों की मदद तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यह मठ मूल्यों को बनाये रखने की नींव का पत्थर है , जो आने वाली पीढ़ियों को भी ऊर्जा देता रहेगा। उन्होंने भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर जोर देते हुये कहा आज भारत एक अद्भुत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का पुनर्स्थापन , काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनरुद्धार और उज्जैन में महाकाल महालोक का विस्तार – ये सब हमारे राष्ट्र की उस जागरूकता को प्रकट करते हैं , जो अपनी आध्यात्मिक धरोहर को नई शक्ति के साथ उभार रही है। आज का भारत , अपनी सांस्कृतिक पहचान को नये संकल्पों और नये आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा रहा है। मठ के इतिहास को रेखांकित करते हुये पीएम ने कहा आज यहाँ प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति के अनावरण का सुअवसर मिला है और रामायण पर आधारित एक थीम पार्क का उद्घाटन भी हुआ है। आज इस मठ के साथ जो नये आयाम जुड़े हैं , वो आने वाली पीढ़ियों के लिये ध्यान , प्रेरणा और साधना के स्थायी केंद्र बनने जा रहे हैं। यहाँ विकसित हो रहा संग्रहालय और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित थ्री डी थिएटर इन सबके द्वारा ये मठ अपनी परंपरा को सुरक्षित कर रहा है , नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा यह मठ भारत के सबसे पुराने मठों में से एक है जो अपने आध्यात्मिक , सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिये जाना जाता है और सारस्वत समुदाय में इसका खास स्थान है। गौरतलब है कि कर्नाटक के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण गोवा जिले के श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में भगवान राम की 77 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा मशहूर मूर्तिकार राम सुतार द्वारा डिजाइन की गई है , जिन्होंने गुजरात की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ भी तैयार की थी। हाथ में धनुष-बाण लिये इस मनमोहक मूर्ति में भगवान राम की दिव्यता और सौम्यता झलकती है , जो इसे अब तक की सबसे ऊँची राम प्रतिमा बनाती है। इसके बाद पीएम मोदी ने श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री मठ के 550वें साल के जश्न ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ के मौके पर मठ पहुंचे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने रामायण थीम पार्क गार्डन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने एक विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से नौ संकल्प लेने का भी आग्रह किया। इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत , केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक और राज्य के कैबिनेट मंत्री भी उपस्थित  थे।

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