भोरमदेव तालाब के पास जंगली सुअर के शिकार के संकेत, वन विभाग सतर्कमौके से बाल, जीआई तार और लकड़ी का खूंटा जब्त, अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज

0

रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह

image_search_1770656368506.jpg

कवर्धा। भोरमदेव क्षेत्र में वन्यजीव शिकार की आशंका ने वन विभाग को सतर्क कर दिया है। भोरमदेव तालाब के समीप जंगली सुअर के शिकार से जुड़े संदिग्ध संकेत मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। यह मामला 7 फरवरी 2026 को सामने आया, जब विभाग को तालाब के पास शिकार के निशान दिखाई देने की सूचना प्राप्त हुई।

सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला राजानवागांव वृत्त के दियाबार परिसर अंतर्गत आरक्षित वन कक्ष क्रमांक आर.एफ. 67 क्षेत्र में पहुंचा और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके से प्रथम दृष्टया जंगली सुअर के बाल प्रतीत होने वाला एक नमूना बरामद किया गया। इसके साथ ही घटनास्थल के पास लकड़ी का एक खूंटा तथा करीब 200 ग्राम जी.आई. तार भी मिला, जिससे शिकार की आशंका और मजबूत हो गई है।

वन विभाग द्वारा बरामद सभी सामग्रियों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है। इस मामले में पी.ओ.आर. क्रमांक 21616/10 दिनांक 7 फरवरी 2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

वन अधिकारियों के अनुसार, आसपास के गांवों और क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है, वहीं मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर संभावित शिकारियों की तलाश की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।

जांच को और पुख्ता करने के लिए जब्त किए गए बाल के नमूने को वन्यजीव फॉरेंसिक एवं स्वास्थ्य केंद्र, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर (मध्यप्रदेश) भेजा जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें वन्यजीव शिकार या संदिग्ध गतिविधियों की कोई भी जानकारी मिले, तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!