सिंगरौली में 30 लाख वृक्षों की कटाई और ‘एक पेड़ मां के नाम’—यह दोहरी नीति : विक्रांत भूरिया


एक तीर कमान , आदिवासी एक समान


प्रशिक्षण शिविर में जमकर गरजे विक्रांत भूरिया

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक के शांति कुटी आश्रम पर चल रहे तीन दिवसीय आदिवासी अधिकार एवं सशक्तिकरण शिविर में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं झाबुआ विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि एक ओर सिंगरौली क्षेत्र में लगभग 30 लाख वृक्षों को निर्ममता के साथ काटा जा रहा है वहीं दूसरी ओर ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं जो सरकार की दोहरी नीति को उजागर करता है । वे जिला अनूपपुर आदिवासी कांग्रेस द्वारा पवित्र नगरी अमरकंटक में आयोजित तीन दिवसीय आदिवासी अधिकार एवं सशक्तिकरण प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि की आसंदी से कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

विक्रांत भूरिया ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आदिवासियों का इतिहास लगभग 50 हजार वर्ष पुराना है जबकि धर्म का इतिहास लगभग 5 हजार वर्ष का है । हम आदिवासी मूल निवासी हैं लेकिन हमें ‘वनवासी’ कहकर बांटने का प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि जल , जंगल और जमीन पर आदिवासियों का संवैधानिक अधिकार है जिसे छीना जा रहा है ।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटने का काम कर रही है । उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को “पर्ची से बने मुख्यमंत्री” बताया। भूरिया ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम मिटाने का प्रयास किया जा रहा है । कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर नया स्वरूप दिया गया और अब उसमें ठेकेदारी प्रथा लागू की जा रही है । पंचायत राज व्यवस्था को कमजोर कर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है ।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे संपर्क , संवाद , संघर्ष और समन्वय—इन चार सूत्रों को अपनाकर जनता के बीच जाएं , जनता स्वयं उन्हें महत्व देगी । उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम वनवासी नहीं , आदिवासी हैं—मूल निवासी हैं ।”
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) पर अवकाश की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार ने की थी जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया । भूरिया ने कहा कि राहुल गांधी आदिवासियों की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं और कांग्रेस पूरी मजबूती से आदिवासी समाज के साथ खड़ी है ।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने “एक तीर , एक कमान—आदिवासी एक समान” , “जय जोहार का नारा है , भारत देश हमारा है” जैसे नारों से सभा स्थल को जोश से भर दिया । उन्होंने आदिवासी अस्मिता , इतिहास और अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला ।
उल्लेखनीय है कि जिला अनूपपुर आदिवासी कांग्रेस द्वारा 9 , 10 एवं 11 फरवरी 2026 को आयोजित इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र एवं तेलंगाना से वरिष्ठ कांग्रेस नेता भाग ले रहे हैं ।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा महात्मा गांधी , इंदिरा गांधी , बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर , टंट्या मामा एवं रानी दुर्गावती के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पहार एवं कच्चे सूत की माला पहनाकर स्वागत-अभिनंदन किया गया ।
कार्यक्रम में पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने स्वागत भाषण एवं प्रेरक उद्बोधन दिया । उन्होंने कहा कि जैसे समुद्र मंथन से रत्नों की प्राप्ति हुई थी उसी तरह इस शिविर से रत्न जैसे बनकर जाना है । जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम कुमार ‘गुड्डू’ चौहान ने भी सभा को संबोधित किया । कार्यक्रम का संचालन प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामू सिंह टेकाम ने किया ।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जनक धुर्वे (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़) , श्रीमती अर्चना पोर्ते (राष्ट्रीय समन्वयक) , वेंकटेश (तेलंगाना) , विनोद भाई (तेलंगाना) , पोरलाल , भुनेश्वर सिंह (जिला पंचायत सदस्य) , मानवेंद्र मिश्रा अध्यक्ष (युवा कांग्रेस) , रफी अहमद किदवई (एनएसयूआई अध्यक्ष) , एहसान अली अंसारी (सेवादल) , आशुतोष सिंह मार्को , अजय सिंह (प्रशिक्षण प्रभारी) , श्रीमती पार्वती सिंह (नगर परिषद अध्यक्ष , अमरकंटक) , संतोष पांडेय , श्यामलाल सेन , डोमल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे ।
बताया गया कि प्रशिक्षण शिविर में लगभग एक सैकड़ा से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं तथा आगामी सत्रों में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करने हेतु पधारेंगे ।


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