होली से पहले गन्ना किसानों को बड़ी राहतउप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से 4.73 करोड़ रुपये जारी, अब तक 14,518 किसानों को मिला 51.51 करोड़ का भुगतान


रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह
कवर्धा। होली पर्व से पूर्व गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी सामने आई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों के भुगतान हेतु 4.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। इसके साथ ही अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। समयबद्ध और नियमित भुगतान से किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिससे वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी सुचारु रूप से कर पा रहे हैं।



कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। उनके निर्देशन में कारखाना प्रबंधन द्वारा किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।

कारखाना प्रबंधन के अनुसार चालू पेराई सत्र में अब तक 2 लाख 42 हजार 990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2 लाख 86 हजार 743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। यह उपलब्धि किसानों के सतत सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का परिणाम है। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले भुगतान मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रबंधन ने बताया कि विगत पेराई सत्र 2024-25 तथा वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने से कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई। पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने पर पेराई अवधि बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को भविष्य में भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कारखाना प्रबंधन ने उपविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि उपविधि धारा 07(02)(घ) के तहत सदस्य किसानों के लिए अपने उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि धारा 09(क)(05) के अनुसार यदि कोई सदस्य लगातार सर्वे के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान सहकारी संस्था की निरंतरता और किसानों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए है।
किसानों के हित में सतत प्रयास
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्र के गन्ना किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मजबूत माध्यम रहा है। कारखाना एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि, शासन द्वारा जारी बोनस का भुगतान करता है। किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज उपलब्ध कराना, प्रशिक्षण के लिए संस्थानों में भेजना तथा कारखाना परिसर में सर्वसुविधायुक्त बलराम सदन और मात्र 5 रुपये में गरम भोजन की कैंटीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सामूहिक सहयोग से ही मजबूत रहेगा कारखाना
कारखाना प्रबंधन ने सभी किसानों से अधिक से अधिक गन्ना आपूर्ति कर सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की है। प्रबंधन का कहना है कि सामूहिक सहभागिता से ही पेराई लक्ष्य पूरा होगा और कारखाना मजबूत रहेगा, जिससे क्षेत्र के गन्ना किसानों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनेगा।

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