धारकुंडी आश्रम के संस्थापक सतगुरुदेव स्वामी परमहंस श्री सच्चिदानंद जी महाराज को दी गई समाधि


अंतिम दर्शन हेतु पहुंचे प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव , उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित अनेक जनप्रतिनिधि
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय


अमरकंटक । मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित परमहंस धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परम पूज्य सतगुरुदेव भगवान स्वामी श्री सच्चिदानंद जी महाराज के परलोक गमन से संपूर्ण प्रदेश एवं देशभर में शोक की लहर व्याप्त है । आश्रम के संत स्वामी लवलीन जी महाराज ने जानकारी देते हुए कहा कि सतगुरुदेव का 07 जनवरी को मुंबई स्थित आश्रम (हॉस्पिटल) में निधन हो गया था ।
सतगुरुदेव के ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही उनके शिष्यों , भक्तों एवं प्रेमीजनों में गहरा शोक छा गया । उनके पार्थिव शरीर को मुंबई से जबलपुर लाया गया , तत्पश्चात जबलपुर से सड़क मार्ग द्वारा धारकुंडी आश्रम पहुंचाया गया , जहां अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को आश्रम परिसर में रखा गया । उनके पार्थिव शरीर के दर्शन हेतु पूरे रास्ते लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा । इस दुख की घड़ी में हजारों भक्त रोते बिलखते उने अंतिम प्रणाम और दर्शन हेतु रास्ता जाम हो रहा था , प्रशासन की मदद से यात्रा आगे धीरे धीरे बढ़ रही थी । अंतिम दर्शन हेतु लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी ।


प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव भी सतगुरुदेव के अंतिम दर्शन हेतु धारकुंडी आश्रम पहुंचे । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “महाराज का परलोक गमन अत्यंत दुखद है । उनका संपूर्ण जीवन सेवा , साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा । ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सतगुरुदेव के अंतिम दर्शन हेतु आश्रम पहुंचे और कई घंटों तक आश्रम परिसर में रुककर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया । इस दुखत घटना पर स्वामी जी के छोटे गुरुभक्ति स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज भी खबर सुनते ही धारकुंडी पहुंच दर्शन किए । इस दौरान अनेक मंत्री , विधायक , जनप्रतिनिधि , साधु-संत एवं क्षेत्रवासी धारकुंडी पहुंचकर सतगुरुदेव भगवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते रहे । आज 09 फरवरी 2026 को दोपहर 03 बजे धारकुंडी आश्रम परिसर में समस्त अनुयायियों , भक्तों एवं प्रेमीजनों की उपस्थिति में परम पूज्य स्वामी परमहंस श्री सच्चिदानंद जी महाराज को अश्रुपूर्ण वातावरण में समाधि दी गई । पूरे क्षेत्र सहित धारकुंडी आश्रम परिसर शोकमग्न वातावरण में डूबा नजर आया ।


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