इस्पात मंत्रालय ने किया भिलाई इस्पात संयंत्र का राजभाषा निरीक्षण, हिंदी कार्यों को बताया सराहनीय


रायपुर । भिलाई इस्पात संयंत्र में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा हेतु भारत सरकार, इस्पात मंत्रालय की ओर से एक द्विसदस्यीय निरीक्षण दल ने 29 जनवरी 2026 को संयंत्र का राजभाषायी निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में संयुक्त निदेशक (राजभाषा) आनंद भोई एवं वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी संदीप कुमार मलिक शामिल थे।


निरीक्षण के दौरान दल ने भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात भवन, तृतीय स्थल स्थित राजभाषा विभाग का दौरा कर भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित राजभाषा नीति के अनुपालन के अंतर्गत संयंत्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का सूक्ष्मतापूर्वक अवलोकन किया। इस क्रम में हिंदी से संबंधित प्रतियोगिताओं, प्रकाशनों, आयोजनों तथा राजभाषा नीति के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों का गहन अध्ययन किया गया। निरीक्षण संसदीय राजभाषा समिति द्वारा निर्धारित मानदंडों एवं प्रश्नावली के आधार पर किया गया।


निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम संयुक्त निदेशक (राजभाषा) आनंद भोई एवं वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी संदीप कुमार मलिक ने भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी से भेंट कर संयंत्र में हिंदी के प्रयोग की स्थिति तथा राजभाषा नीति के समग्र कार्यान्वयन की जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत निरीक्षण दल ने राजभाषा विभाग का निरीक्षण किया।

निरीक्षण उपरांत दल ने प्रश्नावली के विभिन्न बिंदुओं के आधार पर राजभाषा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रशंसनीय बताया। तत्पश्चात उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार से सौजन्य भेंट कर राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन एवं भावी कार्यक्रमों के संबंध में विचार-विमर्श किया।

निरीक्षण दल ने हिंदी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है तथा इस दिशा में निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयासरत है। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी संयंत्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अत्यंत सराहनीय बताया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित राजभाषा नीति का अनुपालन केंद्र सरकार के सभी उपक्रमों, विभागों, प्रतिष्ठानों, बैंकों एवं बीमा कंपनियों के लिए अनिवार्य है। इन कार्यालयों में अधिकाधिक कार्यालयीन कार्य हिंदी में संपादित किए जाने के उद्देश्य से समय-समय पर संबंधित मंत्रालयों, मुख्यालयों एवं संसदीय राजभाषा समिति द्वारा निरीक्षण किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य न केवल राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि सरकारी कार्यालयों में निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्य हिंदी में किए जाएँ।

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